Wednesday, April 6, 2011

CHEELU KA INTERVIEW

NAME: CHEELU
GRADUATION: BE (Hons.) COMPUTER SCIENCE
COLLEGE: BITS PILANI
OPTIONALS: GEOGRAPHY & PHILOSOPHY
MEDIUM: HINDI
JOB EXPERIENCE: TWO YEARS

चीलू बहुत खुश था | भारत विश्व कप जीत गया था | २ अप्रैल की रात को मुख़र्जी नगर में जश्न का माहौल था और थिरकते जनमानस के साथ चीलू के पैर भी मचलते जा रहे थे | गले से भोंपू की तरह चिल्लाते हुए चीलू ये भूल गया था कि उसका साक्षात्कार है अगले मंगलवार को | लेकिन याद भी होता तो कौन सा चीलू रुक जाता | UPSC की परीक्षा तो हर साल आयेगी लेकिन विश्व विजेता तो भारत इसी साल बना था | चिल्लाते चिल्लाते चीलू का गला बैठ गया और मंगलवार की चिंता सताने लगी | बीच में दो दिन थे जिनको गुजारना मुश्किल हो रहा था | तो चीलू ने कुछ और चीलू लोगों के साथ मिलकर समाज का एक नया ढांचा तैयार करने की सोची जिसे चीलू कभी बाद में सार्वजनिक करेगा |

खैर वो दिन आ गया | चीलू नीली पैंट और आसमानी कमीज पहन के ऐसा लग रहा था जैसे प्रशांत महासागर हिलोरे मार रहा है | चीलू को सुबह एक पटेल भाई मिल गए जिनका साक्षात्कार चीलू के साथ ही था | तो दोनों लोग इधर उधर की बातें करते हुए UPSC की ओर बढे | रास्ते में ये भी बात हुई कि के के पॉल का बोर्ड नहीं आना चाहिए क्यूंकि वो खतरनाक सा है | लेकिन चीलू मस्त मौला आदमी है उसने सोचा कि कोई भी आये क्या फर्क पड़ता है साक्षात्कार में तो चीलुआपा ही करना है |

१ बजे के आस पास चीलू UPSC पहुँच गया | आकर देखा तो सब चिंता से भरपूर चेहरे दिखाई दे रहे थे | लग रहा था के सब अपनी मौत की सजा सुनाये जाने का इन्तजार कर रहे हैं | एक भाई के होंठ बार बार सुख रहे थे वो बार बार बोरो प्लस मांग रहा था |जैसे तैसे अन्दर घुसे तो चीलू खुश हो गया | अच्छा सा हॉल था ..बढ़िया कुर्सियां थी ..आनंददायक और आरामतलब | प्रमाण पत्रों की औपचारिकता के बाद अचानक चीलू ने चरों ओर नजर घुमाई | एक सुन्दर सी लड़की नजर आई | हरी साडी पहने हुए ..छोटे छोटे बाल ...चेहरे पर जहां भर की मासूमियत ...और खनकती हुई हंसी | कुछ पल के लिए तो चीलू भूल ही गया की वो साक्षात्कार के लिए आया है लेकिन फिर चीलू ने अपने आप को समझाया कि नैन सुख प्राप्ति का समय बाद में बहुत आएगा अभी साक्षात्कार दे दो ! (लोग चीलू को अन्यथा न लें ..चीलू केवल सुन्दरता की दिव्यता की प्रशंसा करता है | )

हमारे समूह में ६ लोग थे उनमें से ५ अभियांत्रिकी से सम्बद्ध थे | उसके बाद घिसे पिटे औपचारिक फंडे शुरू हो गए | आपका नाम ? OPTIONAL ? कहाँ से हैं आप ? अरे वाह ! ALL THE BEST ! पता नहीं यार कौन सा बोर्ड आएगा ! चीलू का GIVE UP सा हो रहा था तभी ये सूचना आई की हमारे बोर्ड का निर्णय हो गया है |

K K PAUL ! जैसे ही ये नाम चीलू के समूह को दिया गया पूरे हॉल में बैठे लोगों के अधरों पर एक मंद मंद मुस्कान सी आ गयी और चीलू को लगा के जैसे सब लोग उसे चिढ़ा रहे हैं .. K.K. Paul K.K. Paul...तुम्हारा आया ..हा हा हा ...हे हे हे |

चीलू के समूह के लोग दुखी हो गए | चीलू से सब लोग के के पॉल के बारे में सूचना जुटाने लगे | चीलू ने भी जो डरावनी कहानियाँ सुनी थी सब सुना दी लेकिन साथ ही सबको सांत्वना दी की इस बार क्या पता पॉल बोर्ड उस ऑक्टोपस पॉल की तरह हो जाएँ जो पूरी दुनिया का चहेता था ! एक पॉल मरता है एक पॉल मारता है |

जल्दी ही पहले दोस्त की बारी आई ..फिर दूसरे की ..तीसरे की .....बीच में चीलू का GIVE UP होने लगा ..क्यूंकि चीलू की बारी अंतिम थी | चीलू ने सोचा की उस हरी साड़ी वाली लड़की से बात की जाए लेकिन वो दूसरी ओर थी | सीधे वहाँ जाता तो अजीब से लगता इसलिए चीलू सारे समूहों में सबसे बात करते हुए सबको ALL THE BEST की तान देते हुए आगे बढ़ा और लक्ष्य तक पहुंचा लेकिन अफ़सोस उसकी बारी आ गयी और वो चली गयी | जाते जाते लेकिन मंद सा हवा का झोंका जैसे चीलू को छू सा गया | श्रुति की याद सी आ गयी और चीलू वापिस अपनी जगह पर बैठ गया |

कुछ देर बाद चीलू का बुलावा आया और जय हनुमान बोलते हुए चीलू पॉल बोर्ड के कमरे में घुसा ....

चीलू ने सोचा की आराम से ३ चरण होंगे |

१> MAY I COME IN SIR ?
२> GOOD AFTERNOON MAAM ..GOOD AFTERNOON SIR ...
३> जब बैठने के लिए बोलेंगे तो बोलना होगा ...THANK YOU सर

लेकिन हुआ क्या ये सुनिए ..

चीलू : MAY I COME IN SSS....
पॉल : अरे आओ जल्दी से बैठो यार !

(पॉल और उनका पूरा गैंग दरवाजे के बगल में था | चीलू को लगा कि एक LONG WALK होगी आगे तक और फिर तीन चरण होंगे | लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ ..और चीलू के तीनो चरण एक साथ समाप्त हो गए | एक साथ बैठते हुए GOOD AFTERNOON और धन्यवाद बोलने का मौका भी नहीं दिया गया चीलू को )

(पॉल को देखकर चीलू प्रभावित हुआ ..आकर्षक सा व्यक्तित्व था ..चेहरे से ओज झलक रहा था ...किसी तरह चीलू ने पॉल सर से नजरें मिलायी )

पॉल : आपका नाम ?
चीलू : चीलू

पॉल : ROOL NUMBER
चीलू : ००८०४६

पॉल : कॉलेज
चीलू : BITS पिलानी

(चीलू को लग रहा था कि ये सब क्या पूछा जा रहा है ..लेकिन चीलू हंसोड़ टाइप है तो हँसे जा रहा था ..)

पॉल : ये IMPROMPTU POETRY क्या होती है ? (चीलू का शौक है आशु कविता लेखन ..)
चीलू : SIR ! जिसके लिए ज्यादा तैयारी क़ी आवश्यकता न हो |

पॉल : मतलब ?
चीलू : SIR ! जो बिना ज्यादा सोचे लिखी जा सके |

पॉल : बिना सोचे कैसे लिखोगे ? (गन्दा सा चेहरा बनाते हुए ..उपहास भरी हंसी)
चीलू : उदहारण के तौर पर अगर आप अभी कोई विषय दें तो मैं १ मिनट में आपको कुछ लिख कर दिखा सकता हूँ |

पॉल : हा हा हा हा (जोर से हँसते हुए ..) नहीं तुम कविता नहीं लिखोगे | तुम्हें क्या लगता है यहाँ तुमसे कविता लिखाई जायेगी ! पॉल क़ी साड़ी गैंग हंस रही थी और चीलू भी हंसोड़ था तो वो भी हंसने लगा ..लेकिन ये पता नहीं चला कि सब हंस क्यूँ रहे थे ? (कम से कम पहली और आखिरी बार मैंने पॉल सर को हँसते हुए देखा ..मेरे साक्षात्कार में )

पॉल : अच्छा ! चीलू ! अगर तुम SELECT हो गए और तुम किसी MISSION पर जा रहे हो | उस MISSION को पूरा करने के लिए तुम्हें एक नदी पार करनी है | तुम्हारे साथ तुम्हारा SUBORDINATE/HELPER है जिसे तुम २० २५ वर्षों से जानते हो | तुम उसके बहुत CLOSE हो ...
चीलू : OK SIR ..

पॉल : पूरा सवाल तो सुनो .... (साला चीलू ने कब कहा कि आप रुक जाइए)
चीलू : OK SIR

पॉल : तुम्हारे साथ एक SENIOR भी है जो तुम्हें PROMOTION दिला सकता है लेकिन तुम उसके बहुत CLOSE नहीं हो ..२-३ महीनो से जानते हो उसे बस ....नदी तुम एक नाव से पार कर रहे हो ..रास्ते में नाव उलट जाती है ..केवल तुम्हें तैरना आता है ..तुम दोनों में से किसको बचोगे ?

(ये पूछते ही सारी गैंग मेरे ऊपर आगे बढ़कर घूर घूर कर देखने लगी जैसे मुझे खा जायेगी)

(चीलू ने सोचा इधर कुंआं उधर खाई ...इससे बचा जाए )

चीलू : सर ! जिसको बचा पाने की सम्भावना ज्यादा होगी उसको बचाऊंगा | क्या मैं दोनों को नहीं बचा सकता ? (साला चीलू बेवकूफ जैसे ये सवाल पूछ रहा है जो उन्होंने पहले ही बोल दिया है की एक को ही बचा सकता है )

पॉल :( मुस्कराहट के साथ ) सब बराबर हैं ..तुम्हें बस एक को चुनना है ..एक का नाम लो |

चीलू : (४ सेकेण्ड के बाद) OFFICER को SIR |

पॉल : क्यूँ ?

चीलू : SIR ! इस MISSION को पूरा करने के लिए हम लोग जा रहे हैं उस MISSION के लिए मेरे OFFICER का होना आवश्यक हो सकता है | अगर मैं अपने OFFICER को न बचा पाऊं तो हो सकता है मैं और मेरा HELPER मिल कर उस काम को न कर पाएं | मेरे OFFICER मुझे बहुत सारे इनपुट ऐसे दे सकते हैं जो MISSION को पूरा करने में मेरे लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होंगे | इसलिए सारी बातों को परखकर ...

पॉल : (मुझे रोकते हुए ) तो क्या HELPER को मर जाने दोगे ?

चीलू : समय की मांग अगर यही है तो हाँ !

(सारे गैंग सदस्य अभी BLANK EXPRESSION मार रहे थे ...राम गोपाल वर्मा की फिल्मो में जैसे एक भुतहा बच्चा होता है न वैसे)

(पॉल सर से MAA'M की ओर इशारा करते हुए कहा आप पूछिए ...M बिलकुल माँ की प्रतिमूर्ति थी और आवाज भी बहुत मधुर थी )

M: IRDA क्या है ?
(चीलू को लगा की ये अचानक IRDA कहाँ से आ गया )

चीलू : INSURANCE REGULATORY & DEVELOPMENT AUTHORITY ...

M : क्या करता है ये ?

चीलू : बीमा से सम्बंधित नीतियों का नियमन करता है |

M : क्या ?

चीलू : INSURANCE से RELATED POLICIES KA REGULATION KARTA HAI

M : REGULATION क्या होता है ?

चीलू : एक FRAMEWORK का अच्छे से पालन किया जा रहा है या नहीं ..कुछ प्रमुख संस्थाओं द्वारा ..इसे देखना ..और अगर कोई कमी है तो इसे दूर करना ...

M : नहीं ..ये नहीं होता ...

चीलू : M ! कुछ POLICIES होती हैं उन्ही का अनुपालन करवाना और देखना की वो सही से IMPLEMENT हो रही हैं या नहीं ...ये ...

म : (सिर हिलाते हुए ) ...न ..

चीलू : SORRY M ! ..मुझे इतना ही पता है |

M: और कुछ REGULATORY BODIES KE नाम बताओ

चीलू : PFRDA, IRDA, RBI, .... (चीलू ने फिर से बेवकूफों वाली हरक़त की और जानबूझ कर SEBI नहीं बोला ...क्यूंकि उससे कुछ पूछती तो चीलू का GIVE UP होना निश्चित था )

M : कौन से सेक्टर्स में ये काम करती हैं ? क्या काम करती है ?

चीलू : कुछ तो फंडे पेले चीलू ने ..

(अब अगले गैंग मेम्बर के पास बल पहुंची ...मैं उनको गोलू बुलाऊंगा)

गोलू : चीलू ...उत्तराखंड से हो ...मुझे उत्तराखंड की चार समस्याओं के विषय में कुछ बताओ ?

चीलू : INFRASTRUCTURE, SUSTAINABLE ENVIRONMENT, UNEVEN DEVELOPMENT, LACK OF AWARENESS ... और इनके विषय में कुछ १ मिनट से ऊपर चीलू ने चपड़ चपड़ की ...अंत कुछ ऐसे था ...SIR ! उद्योग धंधे केवल तराई के कुछ भागों में हैं ...SIDKUL बना है ...etc. etc.

गोलू : तुम्हें क्या लगता है की कौन सी INDUSTRY सबसे अच्छा करेगी ?

चीलू : FOOD PROCESSING ..फलों का उत्पादन उत्तराखंड में बहुत अधिक होता है | (बोलते बोलते चीलू को पर्यटन याद आ गया था लेकिन तीर छुट जाए तो कुछ नहीं कर सकते )

गोलू : TOURISM ?

चीलू : ओह्ह ! YES SIR ...बिलकुल ! पर्यटन तो बहुत SCOPE वाला FIELD है ...इसके साथ तीर्थाटन भी जुदा हुआ है इसलिए और ज्यादा फायदा होगा ..

गोलू : तो तुम्हें लगता है की उत्तराखंड को पर्यटन के मुख्या केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सकता है ?

चीलू : बिलकुल SIR ! उत्तराखंड तो सिरमौर बन जाएगा इससे विश्व का ...

(चीलू ULTI ENTHU में था तो बोला जा रहा था ...फिर देखा तो इस पंक्ति के बाद गोलू सर हंस रहे थे ..)

(अब गेंद अगले सदस्य के पाले में आई ...चीलू उनको डोगा बोलेगा )

डोगा : तुम्हारा PHILOSOPHY है न ...प्लेटो को जानते हो ?

चीलू : हाँ

डोगा : उसकी कुछ किताबों के नाम बताओ ?

चीलू : SORRY SIR ...नहीं पता

डोगा : हा हा हा हा ...तुम्हें पता भी कैसे होगा ! (चीलू समझ नहीं पाया की वो क्यूँ हँसे ?) अच्छा RULE ऑफ़ LAW क्या है ?

चीलू : SIR ..RULE ऑफ़ LAW मतलब ....

डोगा : छोडो ..ये बताओ GOVERNANCE WITH LAW क्या है ?

चीलू : SIR ...GOVERNANCE ...SIR ...जब कुछ मूलभूत नियमों पर आधारित ...

डोगा : छोडो ! तुमसे M ने पूछा था REGULATION का अर्थ ..तुमने नहीं बताया ..क्या है वो ?

(चीलू सोच रहा था ..की ये दो बार पूछ चुकी हैं ..और चीलू SORRY भी बोल चूका है फिर क्यूँ ?)

चीलू : आपकी आज्ञा हो तो उदहारण दूं ?

डोगा : हाँ

चीलू : CONSTITUTION में एक FRAMEWORK हैं उस पर आधारित प्रशासन को चलने के लिए ..सरकार उस पर आधारित एक REGULATORY बॉडी की तरह काम करती है | (यहाँ पर चीलू पागल हो गया था और कुछ भी बोला जा रहा था !)

डोगा : REGULATION का अर्थ है .. LAW...SUPREME COURT ने अभी इसे DEFINE किया है |

(चीलू को समझ नहीं आया कि डोगा क्या समझाना चाह रहा था ...लेकिन ...बिना बहस करते हुए )

चीलू : धन्यवाद सर ! ओके .. (ओके पहले आना था साला गलत हो गया ..)

डोगा : ARTICLE ४० क्या है ? (मेरे दिमाग में पंचायत से लेकर ...गाय भैंस और ..सामान वेतन वाले सारे DPSP घूम रहे थे ..और अंत में ..)

चीलू : याद नहीं आ रहा है SIR ..SORRY

डोगा : कोई बात नहीं ...ARTICLE ५१ में सबसे LATEST कौन सी FUNDAMENTAL DUTY जुडी है ?

चीलू : बिलकुल याद नहीं आ रहा है SIR ..SORRY (ये वाला आसान था लेकिन चीलू फिर से कनफुजिया गया )

डोगा : कोई बात नहीं |

(अब अगले गैंग मेम्बर के पास चलते हैं ...उनको मैं अगरु बुलाऊंगा ...)

अगरु : उत्तराखंड में STEEP SLOPES हैं ..खेती कैसे करोगे ?

चीलू : सीढ़ीदार खेत बनाऊंगा ..

अगरु : पानी कैसे दोगे ?

चीलू : SIR .. अलग अलग स्तरों पर पानी अपने आप पहुँच जाएगा ..ऊपर से डालो ..नीचे तक पहुंचेगा ..

अगरु : लेकिन SOIL EROSION नहीं होगा उससे ?

चीलू : नहीं SIR ...पानी की VELOCITY कम हो जायेगी...

अगरु : SOIL EROSION से नुकसान क्या होंगे ?

चीलू : उपजाऊ मिटटी चले जाएगी ...फसलें नहीं उगेंगी ...

अगरु : मैं पूछ रहा हूँ ...दूसरी जगह क्या प्रभाव पड़ेगा ?

चीलू : अवसाद मिल कर वहाँ पहुँच जायेंगे तो वहाँ उपजाऊ मिटटी चले जायेगी ...

अगरु : अरे ये तो फायदा है नुकसान क्या है ?

चीलू : मैं बता पाने में असमर्थ हूँ SIR ! ..

अगरु : बाढ़ नहीं आएगी ?

चीलू : हाँ SIR ...हाँ SIR ...बाढ़ बाढ़ ..आएगी सर....SORRY SIR ..ये तो आसान था | (आसान था तो चीलू तुने बताया क्यूँ नहीं ? ..पता नहीं )

अगरु : उत्तराखंड ORGANIC FARMING के लिए प्रसिद्ध है ?

चीलू : YES SIR

अगरु : क्या SPECIALITY है वहाँ ?

चीलू : BUGYAL है ..कई तरह के NATURAL फूल खिलते हैं ... (चीलू कुछ भी बोला जा रहा है ...)

अगरु : अरे ORGANIC FARMING में क्या स्पेशल FERTILIZER USE करते हैं ?

चीलू : (मुस्कुराते हुए )..सॉरी SIR ..पता नहीं |

अगरु : अभी वर्ल्ड CUP देखा ?

चीलू : हाँ

अगरु : भारत DESERVE करता था जीतना

चीलू : हँसते हुए ...जी हाँ बिलकुल

अगरु : अगला WORLD CUP कहाँ है ? कब है ?

चीलू : AUSTRALIA और NEWZELAND मिलकर प्रायोजित कर रहे हैं ..२०१५ में

अगरु : सबसे YOUNGEST खिलाडी कौन था WORLD CUP में ?

चीलू : मुझे याद नहीं सर..

(वापिस से K K PAUL के पास मेरी किस्मत की घंटी बजती है)

पॉल : चीलू ..हिमांचल में इतनी चाय होती है ..सेब होते हैं ...उत्तराखंड में क्यूँ नहीं होते ?

(चीलू सोच रहा था की हिमांचल में सेब तो ठीक है ..लेकिन इतनी चाय कहाँ होती है ..लेकिन THE MIGHTY PAUL से कौन पंगा ले )

चीलू : सर ... चाय तो उत्तराखंड में अब पूरे हरिद्वार से देवप्रयाग तक हम लोगों ने लगा ली है (ये हम लोग चीलू ने क्यूँ बोला पता नहीं ) ..और सेब के लिए भी प्रयास चल रहे हैं ...

पॉल : (चीलू को रोकते हुए) ..तो फिर उत्तराखंड बनाने का फायदा क्या हुआ ?

चीलू : INFRASTRUCTURE ...सडकें कई गाँवों तक पहुँच गयी हैं ...औद्योगिक विकास हुआ है ..SIDKUL बना है ...EMPLOYMENT GENERATE हुआ है ...

पॉल : वो सब छोडो ..आज भूकंप आया था ?

चीलू : हाँ ..उत्तराखंड में आया था

पॉल : कौन से सिस्मिक ZONE में आता है ?

चीलू : पांचवे

पॉल : मेर्केली और रिक्टर सकाले में क्या DIFFERENCE है ?

चीलू : मेर्केली में विनाश को मापते हैं ..और रिक्टर में तीव्रता को ...

पॉल : और बताओ ?

चीलू : मेर्केल्ली १२ POINT SCALE है ...रिक्टर १० पॉइंट

पॉल : और बताओ ?

चीलू : पता नहीं ...SIR

पॉल : अगर रिक्टर SCALE २ है और रिक्टर SCALE ४ है तो क्या विनाश दुगना होगा ?

चीलू : ये तो SIR ..DEPEND करेगा कि EPICENTER कहाँ पर है ..SURFACE के पास है या दूर है ? (अगर पॉल सर ये पूछते कि INTENSITY दुगनी होगी तो मैं तुरंत बोल देता नहीं ...LOG SCALE है ..लेकिन विनाश बोल दिया उन्होंने और मैं विनाश को ISSUE बनाकर ये जवाब दे दिया)

पॉल : अरे यार ..रिक्टर LOG SCALE होता है .. (साला चीलू को भी पता है )..

पॉल : LOG तो जानते होगे !

चीलू : MAJOR GIVEUP के साथ मुस्कुराते हुए ...हाँ बिलकुल |

पॉल : गन्दी से शैतानी हंसी हँसते हुए ....हाँ MATH पढ़ी है तुमने जानते ही होगे ?

पॉल : EARTHQUAQE से बचने के लिए UK GOVT ने कुछ कोड बनाया है .?

चीलू : हाँ बनाया है ..

पॉल : EXACTLY बताओ वो क्या है ?

चीलू : पता नहीं SIR ...मुझे EXACTLY तो नहीं पता |

पॉल : अच्छा चीलू ...आप जा सकते हैं |

चीलू : धन्यवाद ....आप सभी को शुभ दिवस ..

(चीलू की बात पर किसी ने ध्यान नहीं दिया ...सब पेपर समेटने लगे थे ...चीलू आ गया ...लगभग २५ मिनट लगे साक्षात्कार में )


तो OVER ALL GIVE UP सा INTERVIEW था ...बस एक चीज़ अच्छी थी ..हंसी ख़ुशी में बीत गया |

5 comments:

Sanjeev said...

I think it was overall okay. You did your best. I can't see any mistake or blunder done by you. You were unable to answer either factual questions or something which you don't know. So cheers my friend. Hope for the best. I really want to see your name in the final list. :)

Baddie said...

It was good to read ur own interview..nice way to describe it :)..all the best for results

Ashish Gangwar said...

Hi Vaibhav

How much were you awarded for this interview?

gargi said...

Cheelu sahab aap kafi acha likh lete hai..zahir si baat hai aapko pata hi hogi par fir bhi:-)

Pradeep said...

Cheelu bhai..
us naav wale saval ka ek aur answer hai:
Are jab itne imp mission pe jayenge to life bote and life guard ka intezam karke jayenge ,..to kisi ke doobne ki naubat hi nahi ayegi! Wo sari kahani sirf aapki soch ko narrow karne ke liye thi.